हाईकोर्ट के निर्देश पर एनएच व नगर नगम निगम की भूमि पर अवैध रूप से बने मंदिरों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सोमवार से शुरू हो गई। इसके तहत पहले दिन जेसीबी हरिद्वार रोड पर स्थित तीन मंदिरों को क्रमवार ध्वस्त किया गया। मौके पर उपस्थित कुछ लोगों ने विरोध जताने का प्रयास तो किया, मगर पुलिस बल मौजूद होने के कारण उनकी एक नहीं चली।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे प्रशासन, नगर निगम और एनएच की एक संयुक्त टीम भारी पुलिस बल की मौजूदगी मेें जेसीबी के साथ हरिद्वार रोड स्थित होशियारी माता मंदिर के बाहर पहुंची। यहां जेसीबी से अतिक्रमण कर बनाए गए मंदिर को ध्वस्त किया। इसके बाद टीम इसी रोड पर स्थित गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन के समीप स्थित शिव मंदिर के बाहर पहुंची। यह देख एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारी और चालक तत्काल मौके पर एकत्र हो गए और मंदिर को तोड़े जाने पर विरोध जताने लगे।
इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत समेत सभी ने उपजिलाधिकारी के समक्ष कड़ा विरोध जताया। मगर पुलिस बल के आगे उनकी एक चल पाई। हालांकि एसोसिएशन के सदस्यों को मंदिर के अंदर रखी सामग्री को हटाने का समय दिया गया। इसके बाद मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद अतिक्रमण हटाओ टीम पंजाब सिंध क्षेत्र स्कूल के समीप स्थित प्राचीन श्री हनुमान मंदिर पहुंची। यहां भी पुजारी समेत कुछ लोगों ने विरोध जताने की कोशिश की। इसके बाद यहां पुजारी के अनुरोध पर पहले से स्थापित की गई मूर्तियों को छैनी हथौड़े से बाहर निकलवाया और मंदिर के ढांचे को ध्वस्त किया गया।
इस अवसर पर पर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल, एनएचके अधिशासी अभियंता ओपी सिंह, सीओ विरेंद्र सिंह रावत, उपनिरीक्षक सतेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षण सतीश प्रसाद जोशी आदि उपस्थित थे।
यह है मामला
हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों को चिन्हीत कर उनकी सूची तैयार की गई। इस सूची में निगम क्षेत्र में अंतर्गत कुल आठ मंदिर शामिल हैं। इसमें जयराम आश्रम के समीप साई मंदिर लोक निर्माण विभाग की भूमि पर बना हुआ है। हीरालाल मार्ग के सामने शिव मंदिर, पंजाब सिंध क्षेत्र स्कूल के पास हनुमान मंदिर, चंद्रभागा पुल से आगे हाईवे पर बना भैरव मंदिर, नगर निगम कार्यालय के सामने होशियारी देवी मंदिर एनएच की भूमि पर हैं। इसके अलावा देहरादून रोड स्थित शिव मंदिर, ट्रचिंग ग्राउंड के समीप स्थित शिव मंदिर और पशुलोक बैराज स्थित खड़ा महादेव मंदिर को हटाने के लिए चिह्नित किया गया था।